ईमेल मार्केटिंग: अपनी ईमेल सेंडर रेप्युटेशन बेहतर बनाना
अगर आप सब्सक्राइबर की लिस्ट को ईमेल मार्केटिंग कैंपेन भेज रहे हैं, तो आपको अपनी ईमेल सेंडर रेप्युटेशन के बारे में पता होना चाहिए। आपकी ईमेल की विश्वसनीयता कई चीजों पर असर डालती है, जिसमें आपके कैंपेन डिलीवर होने की संभावना भी शामिल है। ईमेल मार्केटिंग की बेस्ट प्रैक्टिस और कंप्लायंस के लिए अपनी सेंडर रेप्युटेशन को समझना और बेहतर बनाना बेहद जरूरी है।

ईमेल सेंडर रेप्युटेशन क्या है?
ईमेल सेंडर रेप्युटेशन
इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) की ओर से किसी ऑर्गनाइजेशन को दिया गया एक स्कोर है, जो आपकी ईमेल मार्केटिंग की विश्वसनीयता तय करता है। इसका आपकी
ईमेल डिलिवरेबिलिटी से सीधा संबंध है: आपका सेंडर रेप्युटेशन स्कोर जितना ज्यादा होगा, आपके ईमेल के किसी कॉन्टैक्ट के इनबॉक्स तक पहुंचने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। अगर आपका स्कोर कम है, तो आपके ईमेल के स्पैम ट्रैप में फंसने, बाउंस होने या आपके कैंपेन पर दूसरे बुरे असर पड़ने की संभावना ज्यादा होगी।
ध्यान रखें कि आप समय के साथ अपनी सेंडर रेप्युटेशन बेहतर बना सकते हैं। डिलिवरेबिलिटी की बेस्ट प्रैक्टिस फॉलो करने, सेंडर रेप्युटेशन पर असर डालने वाली चीजों पर ध्यान देने और अपनी कैंपेन स्ट्रैटेजी बेहतर बनाने से आपकी रेप्युटेशन और स्कोर, दोनों बढ़ सकते हैं।
सेंडर रेप्युटेशन कैसे तय की जाती है
आपके बिजनेस के ईमेल सेंडर रेप्युटेशन स्कोर पर कई चीजें असर डालती हैं। इनमें से कुछ हैं:
- आपके भेजे गए ईमेल की संख्या
- वे कॉन्टैक्ट जो आपके ईमेल मिलने पर उन्हें स्पैम के तौर पर मार्क करते हैं
- आपकी मेलिंग लिस्ट से अनसब्सक्राइब करने वाले लोगों की संख्या
- आपके ईमेल कितनी बार स्पैम ट्रैप में फंसते हैं या सेंडर के पास बाउंस होकर वापस आते हैं
- रीडर का कुल एंगेजमेंट, जिसमें ईमेल ओपन करना और ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करना शामिल है
- आपका बिजनेस किसी मेल ब्लैकलिस्ट में शामिल है या नहीं
नोट:
ISP तय करता है कि वह ऊपर बताए गए किन फैक्टर को ध्यान में रखेगा और हर फैक्टर आपके स्कोर पर कितना असर डालेगा। अलग-अलग ISP आपके बिजनेस को अलग सेंडर रेप्युटेशन स्कोर दे सकते हैं।
आपकी सेंडर रेप्युटेशन कम होने की वजहें
आइए उन खास वजहों पर करीब से नजर डालें जिनके कारण आपकी सेंडर रेप्युटेशन कम हो सकती है।
- आपकी लिस्ट की क्वालिटी खराब है: अगर आप अपनी ईमेल लिस्ट को नियमित रूप से मेंटेन नहीं करते, यानी उसमें ऐसे सब्सक्राइबर एड्रेस हैं जो अनजान, पुराने या अब मौजूद नहीं हैं, तो आपके ईमेल बाउंस होंगे। इससे ISP को संकेत मिलता है कि आपकी ईमेल लिस्ट हेल्दी नहीं है।
- शिकायतों और अनसब्सक्राइब की दर ज्यादा है: आपको जितनी ज्यादा शिकायतें मिलेंगी, आपकी सेंडर रेप्युटेशन उतनी ही कम होगी। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका यह पक्का करना है कि आप सिर्फ उन लोगों को सही समय और फ्रीक्वेंसी पर ईमेल भेजें, जो उन्हें पाना चाहते हैं।
- आपके ईमेल स्पैम के तौर पर फ्लैग किए जाते हैं: अगर आपके ईमेल मार्केटिंग कैंपेन की सब्जेक्ट लाइन, सेंडर एड्रेस या कॉन्टेंट भरोसेमंद नहीं लगता, तो सब्सक्राइबर उसे स्पैम के तौर पर फ्लैग कर सकते हैं या वह स्पैम ट्रैप में फंस सकता है।
- आप ब्लैकलिस्ट में हैं: ब्लैकलिस्ट उन डोमेन और कंप्यूटर IP एड्रेस की लिस्ट होती है, जिन्हें स्पैम के जाने-पहचाने सोर्स के तौर पर रिपोर्ट किया गया है। आपके कैंपेन जितनी ज्यादा बार स्पैम के तौर पर फ्लैग होंगे, आपके ब्लैकलिस्ट में आने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
- कोई भी आपके ईमेल से एंगेज नहीं करता: कम ओपन रेट, क्लिक रेट और रिप्लाई से ISP को संकेत मिल सकता है कि आपके कैंपेन की वैल्यू या विश्वसनीयता कम है।
अपनी सेंडर रेप्युटेशन कैसे बेहतर बनाएं
ध्यान रखें कि समय के साथ अपना सेंडर रेप्युटेशन स्कोर बढ़ाना पूरी तरह संभव है। आप ऑनलाइन भरोसा बना रहे हैं: आप जितना ज्यादा बेस्ट प्रैक्टिस फॉलो करेंगे और खुद को ईमेल के विश्वसनीय सोर्स के तौर पर साबित करेंगे, ISP, मेलबॉक्स प्रोवाइडर और आपके सब्सक्राइबर आपके आने वाले ईमेल पर उतना ही ज्यादा भरोसा करेंगे। यहां कुछ बेस्ट प्रैक्टिस दी गई हैं, जिन्हें ध्यान में रखें:
हाई-क्वालिटी कंटेंट भेजें
सबसे आसान दिखने वाली बेस्ट प्रैक्टिस को फॉलो करना कभी-कभी सबसे मुश्किल होता है: आपको केवल उन लोगों को जानकारी से भरपूर और काम का कंटेंट भेजना चाहिए, जो इसे देखना चाहते हैं। सब्सक्राइबर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए, अपनी कैंपेन को उनकी दिलचस्पी के मुताबिक तैयार करें। इसमें ऐसी इमेज, लिंक और अन्य कंटेंट शामिल हैं, जो उन्हें उनकी पसंद के विषयों के बारे में ज्यादा जानकारी दें।
ईमेल भेजने का शेड्यूल एक जैसा रखें
अपनी ईमेल मार्केटिंग स्ट्रैटेजी के तहत ईमेल भेजने की फ्रीक्वेंसी तय करें और उसी पर कायम रहें। ईमेल भेजने की कोई एक आदर्श फ्रीक्वेंसी नहीं होती। आप अपने बिजनेस और सब्सक्राइबर को सबसे बेहतर जानते हैं, इसलिए शुरुआत में ‘कम ही बेहतर है’ वाला तरीका अपनाएं। इसके बाद, ईमेल भेजने का ऐसा सही कैडेंस तय करें—यानी ईमेल भेजने का समय और प्रकार—जिससे आपको लगातार अच्छे नतीजे मिलें। अलग-अलग तरह के ईमेल और समय आजमाने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सही तरीका मिलने के बाद एक तय शेड्यूल फॉलो करें, ताकि सब्सक्राइबर परेशान न हों।
उदाहरण के लिए, आप शुक्रवार को प्रमोशनल ईमेल और मंगलवार को वीकली न्यूजलेटर भेज सकते हैं।
अपनी सब्सक्राइबर लिस्ट को क्लीन और अपडेट रखें
जैसा कि ऊपर बताया गया है, अगर आपकी सब्सक्राइबर लिस्ट में अनजान या पुराने ईमेल एड्रेस भरे हैं, तो हर बार कैंपेन भेजने पर आपको हार्ड या सॉफ्ट बाउंस मिल सकते हैं, आपके ईमेल स्पैम ट्रैप में फंस सकते हैं और ऐसी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। इससे आखिरकार आपकी ईमेल सेंडर रेप्युटेशन कम होगी। अपनी लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करें और ऐसे ईमेल एड्रेस की जांच करें, जिन्हें आप हटा सकते हैं।
पक्का करें कि आपकी कैंपेन भरोसेमंद दिखे
ईमेल के स्ट्रक्चर और उसमें शामिल की जाने वाली जानकारी के लिए बेस्ट प्रैक्टिस फॉलो करें। आपकी सब्जेक्ट लाइन साफ और सीधी होनी चाहिए, न कि स्पैम जैसी। आपकी कंपनी का नाम और एड्रेस साफ तौर पर दिखाई देना चाहिए और आपका पूरा कंटेंट और सभी इमेज काम के और प्रासंगिक होने चाहिए।

